Rahul Gandhi Did Not Gave Time For Meeting To Ashok Gehlot And Sachin Pilot – तीसरे दिन भी गहलोत से नहीं मिले राहुल, कांग्रेस नेताओं ने कहा- सीएम लें हार की जिम्मेदारी

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Rahul Gandhi Did Not Gave Time For Meeting To Ashok Gehlot And Sachin Pilot - तीसरे दिन भी गहलोत से नहीं मिले राहुल, कांग्रेस नेताओं ने कहा- सीएम लें हार की जिम्मेदारी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Wed, 29 May 2019 08:25 AM IST

अशोक गहलोत, राहुल गांधी, सचिन पायलट
– फोटो : Twitter

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लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का राजस्थान में काफी खराब प्रदर्शन रहा है। जबकि यहां पिछले साल ही कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की थी। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि पार्टी यहां बेहतर स्थिति में रहेगी लेकिन नतीजे इसके उलट आए और कांग्रेस यहां खाता खोलने में भी नाकाम रही। इसी कारण पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ गई है।

लगातार तीसरे दिन पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मिलने का समय नहीं दिया। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी राहुल ने तीन दिनों से मुलाकात नहीं की। दोनों नेता रविवार से उनसे मिलने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को वह तुगलक रोड स्थित आवास पर सुबह 11 बजे पहुंचे भी लेकिन दिनभर के इंतजार के बावजूद वह राहुल से मिलने में असफल रहे।

इसी बीच राजस्थान के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पहले ऐसी खबर आई थी कि राहुल शाम के साढ़े चार बजे गहलोत और पायलट से मिलेंगे मगर वह इन दोनों नेताओं सहित किसी भी बड़े नेता से नहीं मिले। इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रियंका गांधी से मुलाकात की। शाम को गहलोत जयपुर के लिए रवाना हो गए वहीं पायलट बुधवार को निकले। 

जयपुर में आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुशील आसोपा ने फेसबुक पर लिखा है कि राज्य में कांग्रेस की हार की एक वजह पायलट का मुख्यमंत्री न बनना है। यदि वह मुख्यमंत्री होते तो लोकसभा के नतीजे कुछ और होते। वहीं हनुमानगढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष केसी बिश्नोई के कहना है कि गहलोत को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

मंगलवार को गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को कमियां गिनाने का हक है। वह मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष या पार्टी के किसी भी पदाधिकारी की कमियों को बता सकते हैं। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। जिसमें किसी की भी कमियां गिनाने का हक है। हम इन कमियों से सीख लेते हैं। कांग्रेस में हार को लेकर राज्य सरकार और संगठन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। माना जा रहा है कि समीक्षा बैठक में गहलोत और पायलट गुट में हंगामा हो सकता है। वहीं हार को लेकर राहुल काफी नाराज हैं।

लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का राजस्थान में काफी खराब प्रदर्शन रहा है। जबकि यहां पिछले साल ही कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की थी। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि पार्टी यहां बेहतर स्थिति में रहेगी लेकिन नतीजे इसके उलट आए और कांग्रेस यहां खाता खोलने में भी नाकाम रही। इसी कारण पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ गई है।

लगातार तीसरे दिन पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मिलने का समय नहीं दिया। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी राहुल ने तीन दिनों से मुलाकात नहीं की। दोनों नेता रविवार से उनसे मिलने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को वह तुगलक रोड स्थित आवास पर सुबह 11 बजे पहुंचे भी लेकिन दिनभर के इंतजार के बावजूद वह राहुल से मिलने में असफल रहे।

इसी बीच राजस्थान के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पहले ऐसी खबर आई थी कि राहुल शाम के साढ़े चार बजे गहलोत और पायलट से मिलेंगे मगर वह इन दोनों नेताओं सहित किसी भी बड़े नेता से नहीं मिले। इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रियंका गांधी से मुलाकात की। शाम को गहलोत जयपुर के लिए रवाना हो गए वहीं पायलट बुधवार को निकले। 

जयपुर में आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुशील आसोपा ने फेसबुक पर लिखा है कि राज्य में कांग्रेस की हार की एक वजह पायलट का मुख्यमंत्री न बनना है। यदि वह मुख्यमंत्री होते तो लोकसभा के नतीजे कुछ और होते। वहीं हनुमानगढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष केसी बिश्नोई के कहना है कि गहलोत को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

मंगलवार को गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को कमियां गिनाने का हक है। वह मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष या पार्टी के किसी भी पदाधिकारी की कमियों को बता सकते हैं। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। जिसमें किसी की भी कमियां गिनाने का हक है। हम इन कमियों से सीख लेते हैं। कांग्रेस में हार को लेकर राज्य सरकार और संगठन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। माना जा रहा है कि समीक्षा बैठक में गहलोत और पायलट गुट में हंगामा हो सकता है। वहीं हार को लेकर राहुल काफी नाराज हैं।





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