Rajasthan Congress Has Asked All Its Candidates To Provide Reasons Behind Their Defeat – राजस्थान: भाजपा से मिली शिकस्त के बाद कांग्रेस ने उम्मीदवारों से हार के कारणों की मांगी रिपोर्ट

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Rajasthan Congress Has Asked All Its Candidates To Provide Reasons Behind Their Defeat - राजस्थान: भाजपा से मिली शिकस्त के बाद कांग्रेस ने उम्मीदवारों से हार के कारणों की मांगी रिपोर्ट


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Fri, 07 Jun 2019 08:58 AM IST

अशोक गहलोत-सचिन पायलट (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राजस्थान में अपना खाता तक खोलने में कामयाब नहीं रही है। हार के बाद से ही कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वह नेतृत्व के साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री में भी बदलाव की मांग कर रहे हैं। बहुत से विधायकों का कहना है कि यदि सचिन पायलट राज्य के मुख्यमंत्री होते तो नतीजे कुछ और होते। इसी बीच कांग्रेस ने सभी उम्मीदवारों से हार के कारण गिनाने के लिए कहा है ताकि कोई ठोस परिणाम निकल सके।

कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) और राज्य अध्यक्ष से पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण बताने के लिए कहा है। उम्मीदवार, डीसीसी और राज्य अध्यक्ष से कहा गया है कि 11 जून तक वह अपना जवाब जमा करवा दें। जिसके बाद कांग्रेस मंथन करके यह पता लगाएगी कि आखिर क्या चीजें गलत हुई जिसके कारण लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह सुधारों पर काम करेगी।

कांग्रेस को पिछले साल दिसंबर में राजस्थान की सत्ता मिली थी। इसके चार महीने बाद हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। मुख्यमंत्री के बेटे वैभव गहलोत भी जोधपुर लोकसभा सीट से जीत दर्ज करने में असफल रहे। हार के बाद से मुख्यमंत्री गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सब ठीक नहीं चल रहा है। दोनों एक-दूसरे पर हार की जिम्मेदारी थोपना चाहते हैं। बुधवार को कांग्रेस के एक विधायक ने गहलोत को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की। 

सूत्रों का कहना है कि उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस विधायक का नाम पृथ्वीराज मीणा है। उन्होंने बुधवार को कहा, ‘सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। अशोक गहलोत अपना प्रभाव खो चुके हैं।’ पांडे ने हार पर विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। उन्होंने राजस्थान के कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया है कि वह अनुशासन बनाए रखें और कठिन परिस्थिति होने के कारण उन्हें अपने रास्ते नहीं छोड़ने चाहिए। 

उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं की वजह से कांग्रेस की छवि खराब हुई है। पांडे ने कहा, ‘कार्यकर्ताओं को ऐसे बयान जारी करने से बचना चाहिए जिससे यह पता चलता हो कि व्यक्ति पार्टी के स्वार्थ से और अपने व्यक्तिगत एजेंडे पर काम कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों और बयान से भाजपा को फायदा मिलेगा।
 

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राजस्थान में अपना खाता तक खोलने में कामयाब नहीं रही है। हार के बाद से ही कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वह नेतृत्व के साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री में भी बदलाव की मांग कर रहे हैं। बहुत से विधायकों का कहना है कि यदि सचिन पायलट राज्य के मुख्यमंत्री होते तो नतीजे कुछ और होते। इसी बीच कांग्रेस ने सभी उम्मीदवारों से हार के कारण गिनाने के लिए कहा है ताकि कोई ठोस परिणाम निकल सके।

कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) और राज्य अध्यक्ष से पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण बताने के लिए कहा है। उम्मीदवार, डीसीसी और राज्य अध्यक्ष से कहा गया है कि 11 जून तक वह अपना जवाब जमा करवा दें। जिसके बाद कांग्रेस मंथन करके यह पता लगाएगी कि आखिर क्या चीजें गलत हुई जिसके कारण लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह सुधारों पर काम करेगी।

कांग्रेस को पिछले साल दिसंबर में राजस्थान की सत्ता मिली थी। इसके चार महीने बाद हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। मुख्यमंत्री के बेटे वैभव गहलोत भी जोधपुर लोकसभा सीट से जीत दर्ज करने में असफल रहे। हार के बाद से मुख्यमंत्री गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सब ठीक नहीं चल रहा है। दोनों एक-दूसरे पर हार की जिम्मेदारी थोपना चाहते हैं। बुधवार को कांग्रेस के एक विधायक ने गहलोत को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की। 

सूत्रों का कहना है कि उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस विधायक का नाम पृथ्वीराज मीणा है। उन्होंने बुधवार को कहा, ‘सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। अशोक गहलोत अपना प्रभाव खो चुके हैं।’ पांडे ने हार पर विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। उन्होंने राजस्थान के कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया है कि वह अनुशासन बनाए रखें और कठिन परिस्थिति होने के कारण उन्हें अपने रास्ते नहीं छोड़ने चाहिए। 

उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं की वजह से कांग्रेस की छवि खराब हुई है। पांडे ने कहा, ‘कार्यकर्ताओं को ऐसे बयान जारी करने से बचना चाहिए जिससे यह पता चलता हो कि व्यक्ति पार्टी के स्वार्थ से और अपने व्यक्तिगत एजेंडे पर काम कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों और बयान से भाजपा को फायदा मिलेगा।
 





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