Rajasthan : Government Removed Name Of Deendayal Upadhyay For Scholarship Test – राजस्थान : गहलोत सरकार ने प्रतिभा खोज परीक्षा से संघ विचारक दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाया

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Wed, 05 Jun 2019 08:19 PM IST

अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
– फोटो : सोशल मीडिया

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राजस्थान में स्कूली छात्रों के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाली प्रतिभा खोज परीक्षा से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारक दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटा दिया है। राज्य की कांग्रेस सरकार के इस फैसले ने विवाद का रूप ले लिया है। 

राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया, ‘पूर्व भाजपा सरकार ने प्रतिभा खोज परीक्षा में बिना किसी कारण के दीनदयाल उपाध्याय का नाम जोड़ दिया था, इसलिये नाम को हटाया जा रहा है।’ बता दें कि 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस परीक्षा में सफल होने वालों को छात्रवृत्ति दी जाती है। 

वहीं, राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस सरकार पर बार-बार संघ विचारकों पर हमला करने का आरोप लगाया। देवनानी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के नाम पर कितनी ही योजनाएं और कार्यक्रम चल रहे हैं। लेकिन, प्रतिभा खोज परीक्षा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाया जाना कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता को प्रदर्शित करता है। 

देवनानी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के चलते कांग्रेस संघ विचारकों के नाम को हटाने और स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव करने जैसे इस प्रकार के निर्णय ले रही है। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को बेतुका बताते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल का लोकतंत्र में योगदान भावी पीढियों में सदैव प्रभाव बनाए रखेगा। 

इससे पहले पूर्व देवनानी ने संघ विचारक विनायक दामोदर सावरकर को कक्षा दसवीं की सामान्य विज्ञान की पुस्तक में ‘पुर्तगाल का पुत्र’’ बताए जाने पर सरकार को घेरा था। इस बदलाव को सरकार ने शिक्षा विशेषज्ञों की अनुशंसा के आधार पर लिया गया फैसला कहा था।

राजस्थान में स्कूली छात्रों के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाली प्रतिभा खोज परीक्षा से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारक दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटा दिया है। राज्य की कांग्रेस सरकार के इस फैसले ने विवाद का रूप ले लिया है। 

राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया, ‘पूर्व भाजपा सरकार ने प्रतिभा खोज परीक्षा में बिना किसी कारण के दीनदयाल उपाध्याय का नाम जोड़ दिया था, इसलिये नाम को हटाया जा रहा है।’ बता दें कि 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस परीक्षा में सफल होने वालों को छात्रवृत्ति दी जाती है। 

वहीं, राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस सरकार पर बार-बार संघ विचारकों पर हमला करने का आरोप लगाया। देवनानी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के नाम पर कितनी ही योजनाएं और कार्यक्रम चल रहे हैं। लेकिन, प्रतिभा खोज परीक्षा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाया जाना कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता को प्रदर्शित करता है। 

देवनानी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के चलते कांग्रेस संघ विचारकों के नाम को हटाने और स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव करने जैसे इस प्रकार के निर्णय ले रही है। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को बेतुका बताते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल का लोकतंत्र में योगदान भावी पीढियों में सदैव प्रभाव बनाए रखेगा। 

इससे पहले पूर्व देवनानी ने संघ विचारक विनायक दामोदर सावरकर को कक्षा दसवीं की सामान्य विज्ञान की पुस्तक में ‘पुर्तगाल का पुत्र’’ बताए जाने पर सरकार को घेरा था। इस बदलाव को सरकार ने शिक्षा विशेषज्ञों की अनुशंसा के आधार पर लिया गया फैसला कहा था।





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