Rajasthan Government Removed Sp And Conduct Investigation Against Cops In Sexual Harassment Case – पति को बंधक बनाकर पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, सरकार ने पुलिसकर्मियों पर की कार्रवाई

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Rajasthan Government Removed Sp And Conduct Investigation Against Cops In Sexual Harassment Case - पति को बंधक बनाकर पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, सरकार ने पुलिसकर्मियों पर की कार्रवाई


प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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राजस्थान के अलवर जिले में पति को बंधक बनाकर पत्नी से सामुहिक दुष्कर्म और वीडियाे वायरल होने के मामले में पुलिस पर कार्रवाई की गई है। मामले में लापरवाही बरतने को लेकर थानागाजी थाने के प्रभारी सरदार सिंह को निलंबित किया गया है, जबकि एएसआई रूपनारायण, सिपाही राम रतन, महेश कुमार व राजेंद्र को लाइन हाजिर किया गया है। 

ये मामला 26 अप्रैल का है, और 30 अप्रैल को एसपी को इसकी जानकारी मिली। थानागाजी थाना पुलिस ने 2 मई को केस दर्ज किया लेकिन चुनावों के कारण घटना को दबाया गया। मंगलवार देर शाम राजस्थान सरकार ने एसपी राजीव प्रचार को हटा दिया है। ऐसा करने के पीछे कार्मिक विभाग ने प्रशासनिक कारण बताए हैं।

यहां थाने में 29 पुलिकर्मियों का स्टाफ है। डीजीपी के अनुसार इन सभी पुलिस कर्मियों की जांच की जाएगी। जिसके लिए टीम का गठन किया गया है।

आरोपियों की तलाश के लिए 14 टीम

जिन पांच लोगों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, उनमें से एक इंद्रराज गुर्जर (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुकेश गुर्जर नामक आरोपी को वीडियो वायरल करने के मामले में पकड़ा गया है। वहीं अन्य आरोपियों छोटेलाल, अशोक, महेश व हंसराज को पकड़ने के लिए अलवर, जयपुर ग्रामीण, दौसा जिलों के पुलिसकर्मियों की 14 टीमें लगाई गई हैं।

सरकार ने दी आर्थिक सहायता

राजस्थान सरकार ने पीड़िता को 4.12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। ये घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने पति के साथ लालवाड़ी से तालवृक्ष जा रही थी। तभी थानागाजी-अलवर बाईपास रोड पर पांच युवकों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने महिला के पति को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और फिर महिला का सामुहिक दुष्कर्म कर उसका वीडियो भी बनाया।

क्या हुआ वारदात के बाद?

घटना के करीब चार दिन बाद पीड़ित दंपति 30 अप्रैल को अलवर के एसपी के पास पहुंचे। जिसके बाद दो मई को थानागाजी पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ। जब इस घटना की वीडियो छह मई को वायरल हुई, तो इसकी जानकारी लोगों तक भी पहुंच गई।

अपने ससुराल आया था आरोपी

मामले की जानकारी देते हुए आईजी सेंगाथिर ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी इंद्रराज पेशे से ट्रक ड्राइवर है। वह 26 अप्रैल को थानाजी स्थित अपने ससुराल आया था। वो यहां अपने साथियों (मामले के अन्य आरोपियों) से मिला। इन दंरिदों की नजर तभी बाइक से जा रहे दंपति पर पड़ी। इन पांचों ने दंपति का पीछा किया और फिर घटना को अंजाम दिया।

मामले की प्राथमिक जांच में ये पता चला है कि आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाने के बाद उसे वायरल करने की धमकी देते हुए दंपति से पैसे भी वसूले। दंपति ने इन्हें पैसे भी दे दिए। लेकिन जब दोबारा इनसे पैसों की मांग की तो ये मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचे। 

12 दिन में एक आरोपी गिरफ्तार

पुलिस की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना के करीब 12 दिन बाद भी केवल एक आरोपी पकड़ा गया है। आरोपियों की तलाश के लिए 14 पुलिस टीमें लगाई गई हैं, फिर भी आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं। 

क्या बोलीं वसुंधरा?

राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्विटर पर घटना की निंदा करते हुए इसे राज्य लिए बेहद शर्मनाक बताया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि ऐसे जघन्य अपराध कांग्रेस सरकार के महिला व बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के दावों की पोल खोल रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि सरकार महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
 

लोगों में भारी गुस्सा?

घटना से लोगों में भारी गुस्सा है। मामले में मंगलवार को शिव बगीची में सर्व समाज की पंचायत हुई। इसमें प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। और कहा गया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हाेने पर कस्बे के बाजार बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा। गुस्साए लाेगों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। सर्व समाज की पंचायत में राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा व विधायक कांति प्रसाद मीणा शामिल थे। 

क्या बोले डीजीपी? 

डीजीपी कपिल गर्ग ने जयपुर में पुलिस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि मामले में एक आरोपी इंद्रराज गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। सभी आरोपी नामजद कर लिए गए हैं और जल्द गिरफ्तार होंगे। उन्होंने मामले को दबाने की बात से इनकार कर दिया है। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन लाल सैनी का कहना है कि मामले को दबाए रखने के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

राजस्थान के अलवर जिले में पति को बंधक बनाकर पत्नी से सामुहिक दुष्कर्म और वीडियाे वायरल होने के मामले में पुलिस पर कार्रवाई की गई है। मामले में लापरवाही बरतने को लेकर थानागाजी थाने के प्रभारी सरदार सिंह को निलंबित किया गया है, जबकि एएसआई रूपनारायण, सिपाही राम रतन, महेश कुमार व राजेंद्र को लाइन हाजिर किया गया है। 

ये मामला 26 अप्रैल का है, और 30 अप्रैल को एसपी को इसकी जानकारी मिली। थानागाजी थाना पुलिस ने 2 मई को केस दर्ज किया लेकिन चुनावों के कारण घटना को दबाया गया। मंगलवार देर शाम राजस्थान सरकार ने एसपी राजीव प्रचार को हटा दिया है। ऐसा करने के पीछे कार्मिक विभाग ने प्रशासनिक कारण बताए हैं।

यहां थाने में 29 पुलिकर्मियों का स्टाफ है। डीजीपी के अनुसार इन सभी पुलिस कर्मियों की जांच की जाएगी। जिसके लिए टीम का गठन किया गया है।

आरोपियों की तलाश के लिए 14 टीम

जिन पांच लोगों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, उनमें से एक इंद्रराज गुर्जर (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुकेश गुर्जर नामक आरोपी को वीडियो वायरल करने के मामले में पकड़ा गया है। वहीं अन्य आरोपियों छोटेलाल, अशोक, महेश व हंसराज को पकड़ने के लिए अलवर, जयपुर ग्रामीण, दौसा जिलों के पुलिसकर्मियों की 14 टीमें लगाई गई हैं।

सरकार ने दी आर्थिक सहायता

राजस्थान सरकार ने पीड़िता को 4.12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। ये घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने पति के साथ लालवाड़ी से तालवृक्ष जा रही थी। तभी थानागाजी-अलवर बाईपास रोड पर पांच युवकों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने महिला के पति को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और फिर महिला का सामुहिक दुष्कर्म कर उसका वीडियो भी बनाया।

क्या हुआ वारदात के बाद?

घटना के करीब चार दिन बाद पीड़ित दंपति 30 अप्रैल को अलवर के एसपी के पास पहुंचे। जिसके बाद दो मई को थानागाजी पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ। जब इस घटना की वीडियो छह मई को वायरल हुई, तो इसकी जानकारी लोगों तक भी पहुंच गई।





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