Will Congress Lose Government In Rajasthan After Grand Defeat In Lok Sabha Election – आम चुनाव में राजस्थान की एक भी लोकसभा सीट न जीत सकी कांग्रेस यहां भी सत्ता से हाथ धोएगी!

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Will Congress Lose Government In Rajasthan After Grand Defeat In Lok Sabha Election - आम चुनाव में राजस्थान की एक भी लोकसभा सीट न जीत सकी कांग्रेस यहां भी सत्ता से हाथ धोएगी!


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

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लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के लिए उन राज्यों में भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जहां उसकी सरकार है। सत्ता परिवर्तन के ये बादल राजस्थान में भी छाए हुए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों उदयलाल अंजाना और रमेश मीणा ने पार्टी की हार के लिए आत्ममंथन और विस्तृत विश्लेषण करने की मांग की थी। 

आम चुनाव में पार्टी की हार के बाद खबर आई कि राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया मे मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर कटारिया के त्यागपत्र देने की खबर काफी चर्चा में है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय या राजभवन ने इस खबर की पुष्टि नहीं की। कटारिया से भी इस बाबत संपर्क नहीं हो सका। 

दूसरी ओर भाजपा के राजस्थान उपाध्यक्ष ज्ञानदेव आहूजा का कहना है, ‘मैं पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता नहीं हूं लेकिन मैंने सुना है कि यहां (राजस्थान में) बसपा के विधायक खुश नहीं हैं, यही हालत कांग्रेस के 20-25 विधायकों की है। मैं इस मामले में और कुछ नहीं कहना चाहता।’

वहीं, राजस्थान भाजपा के नेता भवानी सिंह राजावत ने कहा, ‘राज्य में कांग्रेस की ऐसी हालत है कि हमें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत ही नहीं है, कांग्रेस खुद सरकार गंवाने की कोशिश कर रही है। मैं समझता हूं कि यदि इसी तरह से इस्तीफे होते रहे तो यहां कांग्रेस अल्पमत में आ जाएगी और सरकार भी गिर सकती है।’

ऐसी परिस्थितियों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने पार्टी नेताओं से अपील की है कि हमारा संघर्ष जारी है और जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाली विभाजनकारी ताकतों से लोहा लेने के लिए कांग्रेस पार्टी सदैव कटिबद्ध है। 

अविनाश ने कहा कि लोकसभा चुनावों के नतीजों को लेकर सभी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सार्वजनिक बयानबाजी से दूर रहें और पार्टी अनुशासन को देखते हए मीडिया में प्रतिक्रिया न दें। उन्होंने कहा कि परिणामों को लेकर जल्द ही समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी को अपने विचार रखने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह हम सबका दायित्व है कि पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।

बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस की सभी 25 लोकसभा सीटों पर हार हुई है। भाजपा ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने एक सीट पर जीत हासिल की है। 

दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट पहले ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। सभी नेता राहुल को इस्तीफा न देने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। 

शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक बुलाई थी। इसमें हार के कारणों पर चर्चा हुई थी। राजस्थान कांग्रेस के अंदर से भी विरोध की आवाजे उठ रही हैं। दो मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। 

सहकारिता मंत्री उदयलाल अंजना का कहना है कि राज्य में ऐसी चर्चा है कि यदि मुख्यमंत्री गहलोत स्वतंत्र होते तो वह दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों में ज्यादा काम कर सकते थे। खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के मंत्री रमेश चंद मीणा का कहना है कि हार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। 2014 की तरह कांग्रेस राज्य में अपना खाता खोलने में नाकाम रही है।

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के लिए उन राज्यों में भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जहां उसकी सरकार है। सत्ता परिवर्तन के ये बादल राजस्थान में भी छाए हुए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों उदयलाल अंजाना और रमेश मीणा ने पार्टी की हार के लिए आत्ममंथन और विस्तृत विश्लेषण करने की मांग की थी। 

आम चुनाव में पार्टी की हार के बाद खबर आई कि राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया मे मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर कटारिया के त्यागपत्र देने की खबर काफी चर्चा में है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय या राजभवन ने इस खबर की पुष्टि नहीं की। कटारिया से भी इस बाबत संपर्क नहीं हो सका। 


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